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ना सिर्फ शेयर मार्केट तक सिमित हैं ना की सिर्फ रियल एस्टेट सेक्टर की हम बात कर रहे है वो बबल पुरी ‘अर्थव्यवस्था’ (Economy) और ‘माइंडसेट’ की।
हम अक्सर सुनते हैं.. “सुनो! सोना महंगा हो गया।” लेकिन यह ग़लत है असल में सोना! महंगा नहीं हुआ है आपका रुपया/डाॅलर कमजोर हो गया हैं।
अगर आप मेरी राय मानो तो जो भी इंफ्लुएनंसरहो, एक्सपर्ट हो या ब्रोकर वो सोने-चांदी के एक दिन के तेजी पर खरिदने की राय दें रहे हैं
और दुसरे दिन नीचे जाने पर बेचने की बातें कर रहे हैं उनको दरअसल सच पता नहीं है या तो वह बताना नहीं चाहते क्योंकी उसमें उनका कुछ मोटिव या फायदा हैं।
लेकिन मेरी मानो तो एक ही बात कहुंगा “जागो ग्राहक जागो!” एक्सपर्ट की बातें सुनना बंद को और आखे खोल कर देखो की क्या हो रहा है
क्या आप भी फोमो (Fomo) में आकर आईपीओ (IPO) और ओवरव्हाल्युड स्टाॅक में पैसा लगा रहे हैं?