भारत-अमेरिका महा-डील का सच! लेकिन क्या यह भारत के हक में है? 

$500 अरब का 'इंपोर्ट' टारगेट? चर्चा है कि भारत अमेरिका से ₹42 लाख करोड़ का सामान खरीदेगा, पर पीयूष गोयल ने इसे केवल 'इरादा' बताया है। 

कोई कानूनी मजबूरी नहीं! वाणिज्य मंत्री ने साफ किया कि $500 अरब की खरीद एक अनुमान है, भारत पर इसे खरीदने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है। 

JOIN WHATSAPP

आसमान छुएगा एविएशन सेक्टर! भारत बोइंग से $50 अरब के विमान खरीद रहा है, जिससे आने वाले समय में कुल विमान आयात $100 अरब तक जा सकता है। 

एनर्जी और टेक की भारी मांग! कोकिंग कोल और AI जैसे उभरते सेक्टर्स में भारत की जरूरतें बढ़ रही हैं, जहां अमेरिका एक बड़ा सप्लायर बन सकता है। 

रूसी तेल पर क्या है रुख? डील के बावजूद भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' बरकरार है; रूसी तेल आयात जारी रखने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। 

पशु आहार (DDGS) का कोटा! पशुपालन उद्योग की मांग पर अमेरिका से प्रोटीन युक्त चारे के लिए बहुत ही सीमित कोटा (5 लाख टन) खोला गया है। 

असली खेल अभी बाकी है! $2 ट्रिलियन के कुल इंपोर्ट मार्केट में अमेरिका को कितनी जगह मिलेगी और क्या इससे चीन का दबदबा खत्म होगा? 

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।) 

पूरी जानकारी ओर फ्री में शेयर मार्केट सीखना चाहते हो?