नितिन गडकरी E100 ऐलान: अब भारत की इंधन आत्मनिर्भरता और ग्रीन एनर्जी की दिशा में मोदी सरकार का एक बड़ा फैसला आया हैं। केंद्रीय परिवाहन और राज्यमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जीने १००% इथेनॉल (Ethenol) इस्तमाल के लिये मंजूरी दे दी हैं। इस फैसले का मुख्य रुप से उद्देश्य था की बाहरी देशों से पेट्रोल-डिजेल आयात करना अथवा उसपर निर्भरता कम करना और उसका विकल्प लाना।
केंद्रिय मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी देते हुये कहा की ‘कल यानी शनिवार रात ठीक 8 बजे मैंने 100 प्रतिशत Ethenol के उपयोग को कानूनी रूप से अधिकृत करने वाले नियमों की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं’। उस वक्त उन्होंने पुरानी बातें याद करके कहा की इसके बारे में पहली बार जब बोला जाता था तब लोगों ने इसका मजाक बनाया लेकिन आज यह सचमुच सच होने जा रहा हैं।

आयात राशी कम करने का प्रयास
नितिन गडकरी ने आगे कहा की भारत देश के भारी इंधन आयात को कम करना ही हमारा उद्देश्य हैं जो की कुल खर्चा २२ लाख करोड़ रुपयों का हैं। इस आयात को अब धीरे धीरे कम किया जायेगा और अब देश में ही अब गैस का उत्पादन होगा और पेट्रोल डिझेल को एक विकल्प के रूप में दुसरी चीजों को तयार किया जायेगा, जिसमे इथेनॉल एक मजबूत और व्यावहारीक और मजबूत विकल्प बनकर उभरेगा।
कार कंपनीयों का क्या है तयारी?
- नितिन गडकरी ने मारुती सुजुकी के १००% इथेनॉल पर चलनेवाली वेगनआर के फ्लेक्स-फ्यूल माॅडेल लाॅन्च पर खुशी जाहिर की।
- इस तकनिकी में टु व्हिलर भी पीछे नहीं, गडकरी ने बताया लाॅन्च की गई मोटारसाइकलो मे ३ हिरो मोटोकोर्प की हैं। जिसमें २ को पहले ही लाॅन्च किया जा चुका हैं।
- आनेवाले दो महिनों के भीतर हुंडई, टोयाटो और सुजुकी जैसी ऑटोमोबाइल कंपनियां भी अपने वाहन बाजारों में उतारेगी जो पुरी तरह १००% इथेनॉल पर चलेगी।
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लक्ष किया पहले ही हासिल
पिछले हफ्ते सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिये E85 ईंधन (८५% इथेनॉल + १५% पेट्रोल का मिश्रण) बाजार में उतारा हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत के इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की तारीफ की और कहा की देश अपने तय लक्ष को समय से पहले ही पुरा कर चुका हैं।
- साल २०१४, पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण सिर्फ १.५% था वही अब वो नवंबर २०२२ को बढ़कर १०% हो गया हैं।
- हरदीप पुरी ने बताया की साल २०३० तक सरकार का लक्ष पेट्रोल में २०% इथेनॉल मिश्रण हासिल करने का था लेकिन समय से ६ महिने पहले यानी साल २०२४ को ही यह लक्ष देश ने प्राप्त कर लिया।
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