बिटकॉइन की शुरुआत 2008 में एक 9 पेज के व्हाइट पेपर से हुई, जिसे Satoshi Nakamoto नाम के व्यक्ति ने लिखा था।

Satoshi ने ईमेल और फोरम के जरिए लोगों से बात की, लेकिन 26 अप्रैल 2011 को अचानक गायब हो गए और उसके बाद कभी नहीं दिखे।

17 साल बीत गए, बिटकॉइन आज ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन चुका है, लेकिन इसके असली क्रिएटर की पहचान आज भी एक बड़ा रहस्य है।

अब न्यूयॉर्क टाइम्स की एक साल से ज्यादा लंबी जांच ने कई पुराने सुरागों को खंगाला और एक नाम को सबसे मजबूत दावेदार बना दिया है।

वह नाम है Adam Back — एक 55 साल के ब्रिटिश क्रिप्टोग्राफर, जिन्होंने 1997 में Hashcash नाम का सिस्टम बनाया था।

Hashcash बाद में बिटकॉइन माइनिंग का आधार बना और Satoshi के व्हाइट पेपर में इसका सीधा जिक्र भी है।

Adam Back ने 1997-1999 के बीच decentralized सिस्टम, प्राइवेसी, लिमिटेड सप्लाई और बिना बैंक वाले ट्रांजेक्शन जैसे आइडियाज लिखे, जो बाद में बिटकॉइन में इस्तेमाल हुए।

जांच में Satoshi और Adam Back की लिखने की स्टाइल में कई समानताएं मिलीं — शब्द चयन, हाइफन का इस्तेमाल और कुछ खास phrases तक।

2008 में बिटकॉइन लॉन्च होने पर Adam Back ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन Satoshi के गायब होने के बाद 2011 में उनका पहला पब्लिक बयान आया — यह टाइमिंग भी सवाल उठाती है।

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।) 

Adam Back ने इन आरोपों से इनकार किया है, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट उन्हें अभी तक का सबसे मजबूत दावेदार बताती है — क्या सच में बिटकॉइन का रहस्य सुलझ गया या अभी भी कुछ छिपा है?

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।) 

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