राहुल गांधी के 7 म्युचुअल फंड, हलफनामे में खुला राज, आम आदमी के लिए क्या सीख? | Rahul Gandhi Mutual fund Portfolio 

By Nishant Patil

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Rahul Gandhi Mutual fund Portfolio: पैसा कमाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उसे सही जगह लगाना। बहुत से लोग सोचते हैं कि निवेश सिर्फ इमरजेंसी फंड के लिए होता है, लेकिन असल में यह बच्चों की पढ़ाई, बेटी की शादी या रिटायरमेंट जैसी बड़ी जिम्मेदारियों को आसान बनाने का जरिया भी है। अगर आप भी म्यूचुअल फंड में निवेश की सोच रहे हैं, तो एक दिलचस्प उदाहरण खुद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का है, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा म्यूचुअल फंड में लगाया हुआ है।

चुनावी हलफनामे में हुआ खुलासा

साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान वायनाड सीट से नामांकन भरते वक्त राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (ECI) को जो हलफनामा सौंपा, उसमें उनकी संपत्ति का पूरा ब्योरा सामने आया। 15 मार्च 2024 तक की स्थिति के मुताबिक, राहुल गांधी के पास कुल करीब 9.24 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है। इसमें से बड़ा हिस्सा शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में लगा हुआ है, शेयरों में करीब 4.33 करोड़ रुपये और म्यूचुअल फंड की सात अलग-अलग स्कीमों में लगभग 3.81 करोड़ रुपये।

यानी सिर्फ शेयर और म्यूचुअल फंड मिलाकर उनका निवेश 8 करोड़ रुपये से ज्यादा का बैठता है। इसके अलावा उनके पास सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में भी करीब 15 लाख रुपये का निवेश दर्ज है।

हलफनामे के मुताबिक राहुल गांधी की मुख्य म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स इस तरह हैं:

– HDFC स्मॉल कैप फंड: इसमें उनका निवेश सबसे बड़ा है, करीब 1.24 करोड़ रुपये का।

– ICICI प्रूडेंशियल रेगुलर सेविंग्स फंड: इसमें लगभग 1 करोड़ रुपये निवेश किए गए हैं।

– HDFC हाइब्रिड डेट फंड: इसमें उनका निवेश करीब 79 लाख रुपये का है।

– PPFAS फ्लेक्सी कैप फंड

– HDFC मिड कैप अपॉर्च्युनिटीज फंड

– ICICI इक्विटी एंड डेट फंड

बाकी बची राशि इन्हीं शेष स्कीमों में बंटी हुई है, जो कुल मिलाकर 3.81 करोड़ रुपये के निवेश का हिस्सा बनती हैं।

एक बात साफ समझ लेनी चाहिए, ये आंकड़े मार्च 2024 के हलफनामे पर आधारित हैं। किसी भी म्यूचुअल फंड का NAV और रिटर्न रोज बदलता रहता है, इसलिए मौजूदा समय में इन फंडों की असली वैल्यू इससे अलग हो सकती है। निवेश से पहले हमेशा फंड हाउस की आधिकारिक वेबसाइट या AMFI पर मौजूदा NAV और रिटर्न जरूर चेक करें।

म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने के पीछे की सोच

राहुल गांधी के पोर्टफोलियो पर गौर करें तो साफ दिखता है कि उन्होंने सिर्फ एक तरह की स्कीम में पैसा नहीं लगाया, बल्कि स्मॉल कैप, मिड कैप, फ्लेक्सी कैप और हाइब्रिड डेट फंड, यानी अलग-अलग कैटेगरी में निवेश को बांटा है। यही डायवर्सिफिकेशन म्यूचुअल फंड निवेश की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।

जब पैसा अलग-अलग सेक्टर और कंपनियों में बंटा होता है, तो किसी एक सेक्टर के कमजोर प्रदर्शन का पूरा नुकसान पोर्टफोलियो को नहीं झेलना पड़ता। दूसरे सेक्टर की मजबूती उस कमी की भरपाई कर देती है। यही वजह है कि सीधे शेयर बाजार में पैसा लगाने के बजाय बहुत से निवेशक म्यूचुअल फंड को ज्यादा सुरक्षित विकल्प मानते हैं।

कुल कितनी है राहुल गांधी की संपत्ति

चुनावी हलफनामे के अनुसार राहुल गांधी की कुल संपत्ति (चल और अचल मिलाकर) करीब 20.4 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें गुरुग्राम में मौजूद उनका ऑफिस स्पेस भी शामिल है, जो उनकी अचल संपत्तियों का सबसे बड़ा हिस्सा है। 2019 के मुकाबले उनकी घोषित संपत्ति में करीब 28 प्रतिशत का इजाफा दर्ज हुआ है।

निवेश से पहले ध्यान रखने वाली बातें

अगर आप भी म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो सिर्फ किसी और के पोर्टफोलियो को देखकर फैसला लेना सही तरीका नहीं है। अपनी जोखिम क्षमता, लक्ष्य और निवेश की अवधि को समझने के बाद ही किसी स्कीम में पैसा लगाएं। स्मॉल कैप और मिड कैप फंड ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी उतना ही ज्यादा होता है, जबकि हाइब्रिड और डेट फंड अपेक्षाकृत स्थिर माने जाते हैं।

अगर आपको इस आर्टिकल से जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो ‘[email protected]’ पर हमें मेल कर सकते हैं।

Disclaimer-  यह आर्टिकल सिर्फ एज्युकेशन एवं जानकारी के लिये लिखा हैं। हम कोई सेबी रजिस्टरी एडवायजरी नहीं हैं। हम कोई भी निवेश करने की सलाह नहीं देते हैं। मार्केट में निवेश जोखिमभरा हो सकता हैं। कृपया कोई भी निवेश करने से पहले आप अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य करें।

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