LPG Cylinder Price Hike News: इस बढ़ते महंगाई में सरकार ने आम ग्राहकों को एक बार फिर से झटका दिया हैं। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में फिर से ₹29 की बढ़ोतरी की गई हैं। रामपुर शहर की बात करें तो 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर ₹984 में मिल रहा था लेकिन अब दाम बढ़ोतरी के बाद यही सिलेंडर ₹1013 के आसपास तक मिल रहा हैं। नई किंमते रविवार से लागु कर दी गई हैं।
दुसरी बार बढ़ोतरी
पिछले 3 महिने के भीतर यह लगातार दुसरी बार बढ़ोतरी की गई हैं। इससे पहले 7 मार्च को घरेलु एलपीजी सिलेंडर के किंमतो में ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी और अब जुन में ₹29 की बढ़ोतरी हुई हैं। अगर देखो तो महज 3 महिने के भीतर ही सिलेंडर ₹89 महंगा हो गया हैं।
कमर्शियल सिलेंडर के भी बढ़े थे दाम
इतना ही नहीं बल्की पिछले सप्ताह ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दरों में ₹53 की बढ़ोतरी की गई हैं। तेल कंपनियों का इसपर कहना है की अंतराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा लागत की बढ़त और घरेलु बिक्री पर हो रहा नुकसान की बजह के कारण एलपीजी किंमतो में वृद्धी करनी पडी हैं।

कंपनीयों को हो रहा हैं ₹700 का घाटा
कंपनीयों का अब भी नुकसान का दावा कर रही हैं। PTI के सुत्रो के हवाले से मिली खबर में बताया गया है की सरकारी तेल कंपनीयों को हर गैस सिलेंडर के पिछे ₹700 का घाटा हो रहा हैं। यह दाम बढ़े हैं इससे सिर्फ आंशिक भरपाई ही हो पायेगी।
अगर इस साल के पहले यानी साल 2025 को देखें तो 8 एप्रिल 2025 को ₹50 की बढ़ोतरी देखी गई थी। वहीं साल 2026 को कमर्शियल गैस सिलेंडरो के दाम ₹31 तक बढ़ा दी गई थी वहीं 5 किलो के गैस सिलेंडरों में ₹11 का इजाफा किया गया था।
Petrol Diesel के भी दाम बढें
सिर्फ गैस ही नहीं बल्की पेट्रोल डिझेल और सीएनजी गैस के भी दाम कुछ दिनो पहले एकदम से बढ़े थे। मई महिने में पेट्रोल डिझेल किंमतो में कुल ₹7.50 बढ़ोतरी हुई वहीं सीएनजी में ₹6 प्रति किलो बढ़ोतरी देखी गई।
इसपर तेल कंपनीयों का कहना है की उनको पेट्रोल पर ₹11 प्रति लिटर वहीं डिजेल पर ₹33.6 लिटर प्रति लीटर नुकसान हो रहा हैं।
कंपनीया इतनी किंमतो में तेजी के बाद भी कह रही है की अभी भी पेट्रोल डिझेल और सीएनजी कि किंमते कम लागत पर भी बेची जा रहे हैं। कच्छे तेल के महंगे होने का कुछ बोझ सरकारी तेल कंपनिया खुद उठा रही हैं।

कैसे तय होती है गैस सिलेंडर की कीमत
घरेलू LPG गैस सिलेंडर की कीमत कई बातों को ध्यान में रखकर तय की जाती है। सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG के दाम देखे जाते हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती या कमजोरी का भी असर पड़ता है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का कुछ LPG विदेशों से आयात करता है। गैस को देश में लाने, उसकी ढुलाई, बॉटलिंग और ग्राहकों तक पहुंचाने का खर्च भी कीमत में शामिल होता है। इसके बाद तेल कंपनियां अपनी लागत और बाजार की स्थिति के आधार पर अंतिम कीमत तय करती हैं। सरकार की टैक्स और सब्सिडी से जुड़ी नीतियां भी गैस सिलेंडर के दाम को प्रभावित करती हैं।
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