Plastic Notes Launched in India: काफी दिनों से बहुत जगह खबरें चल रही है की रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) सारी पेपर करेंसी वापिस लेने वाली हैं और ऊपर से यह दावा किया जा रहा है की उस पेपर नोट की जगह अब प्लाॅस्टिक नोट लाने जा रही हैं। लेकिन अब इसपर सरकार ने आगे आकर पुरी बातो पर सफाई दे दी हैं। चलिये जानते हैं आखिर पुरा माजरा क्या हैं?
बैंक के नोट का पुरा मामला?
सोशल मिडिया पर दावा किया जा रहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ३० जून तक पेपर करेंसी वापिस लेनेवाली है जो की अब सारे देश में चलन में इस्तमाल किये जा रहे हैं और उसकी जगह अब प्लाॅस्टिक नोट का इस्तमाल किया जानेवाला हैं।
पीआईबी फैक्ट चेक में क्या निकलकर आया हैं?

प्रेस सुचना ब्युरो (PIB) ने अपनी वेबसाइट पर और अपने सोशल मिडिया हैंडल्स पर इस विषय में फैक्ट चेक किया हैं और इसके बारे में बताया हैं। इसमें बताया गया है की यह सारी बातें बेबुनियादी यानी गलत बताई जा रही हैं। PIB ,द्वारा नागरिकों को किसी भी ऐसी अफवाहों से दुर रहने को बोला गया हैं। पीआईबी ने अपने प्लेटफॉर्म पर विडियो जारी करके भी इसके बारे में सच्चाई उजागर की हैं। एक विडिओ में तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की पेक आवाज का भी जिक्र है जिसमें ३० जून को कागजी मुद्रा नोट पर प्रतिबंध लगाने की बातें की जा रही हैं।
पीआईबी अधिकारीयों कि कहना है की ऐसी खबरें से सोशल मीडिया ऐप्स पर ऐसी संवेदनशील फायनानशियल खबरें फाॅरवर्ड करने से पहले नागरिको को सावधानी बरतने को कहा हैं।
ऐसी ग़लत जानकारी फैलाने से अक्सर व्यापारीयों और आम नागरिकों में बेवजह चींता और डर बैठ जाता हैं। इसिलिये लोगों को कहा गया है की वह सिर्फ आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें।
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पाॅलिमर नोटों को लेकर मिले संकेत
पिछले कुछ दिनों से भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI के गवर्नर संजय मल्होत्राजी ने प्लाॅस्टिक पाॅलिमर से बने नोट लाने के संकेत दिये हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा की पाॅलिमर नोट लाने का प्रस्ताव अभी केंद्रीय बैंक के समक्ष विचाराधीन हैं लेकिन अभी इसके बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया हैं।
आरबीआई गवर्नर ने कहा की इस संबंध में प्रकाशित खबरों में कुछ हद तक सच्चाई है लेकिन अभी इस सारे में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ हैं।
दरअसल कागज के नोटों की तुलना में प्लाॅस्टिक नोट पाॅलिमर से बनाने का कारण हैं यह जादा टिकाऊ होते हैं। पाणी से खराब नहीं होते। इनमे बेहद सुरक्षित फिचर होने से नकली नोटों बना पाना बिल्कुल मुश्किल हो जाते हैं।
फ़रवरी २०१४ में सरकार ने सरकार से संसद में बताया था की ₹१० के मुल्य के एक अरब पाॅलिमर नोटों को देश के पांच शहरों के पांच शहरों के परिक्षण के तौर पर जारी किये जायेंगे। इसके लिये कोची, जयपुर, शिमला, मैसुर और भुवनेश्वर का चयन किया गया था। लेकिन तकनिकी कारणों से इसे परिचलन से पहले ही रोक दिया था।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। नोटों से जुड़ी किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले RBI और सरकार की आधिकारिक घोषणा अवश्य जांच लें। किसी भी वित्तीय निर्णय के लिए आधिकारिक स्रोतों को ही आधार बनाएं।
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