राजेश एक्सपोर्ट पर लगा ₹15 लाख करोड़ का आरोप – आखिर सच क्या है? जानिए पूरा मामला!

By Nishant Patil

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Rajesh Exports SEBI News: राजेश एक्सपोर्ट केस: इस कंपनी में भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC की बड़ी राशी लगी हैं। मार्च २०२६ तिमाही तक राजेश एक्सपोर्ट में LIC Company की कुल १०.८% हिस्सेदारी थी। लेकिन अब निवेशकों के करोड़ों-अरबो रुपये खत्म हो गये क्योंकी राजेश एक्सपोर्ट पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं और SEBI ने उनकर कड़े एक्शन लिये हैं।

दरअसल शेयर मार्केट की रेगुलेटर सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने राजेश एक्सपोर्ट पर उनके प्रमोटर्स पर बड़ी मात्रा में धोखाधड़ी और पैसे का गबन करने का आरोप लगाया हैं। इस बारे में मार्केट रेगुलेटरी ने एक आदेश भी जारी किया हुआ हैं। दरअसल सेबी ने अगले आदेश आने तक राजेश मेहता को कंपनी के शेयर्स खरिदने अथवा बेचने पर पाबंदी लगाई हैं‌।

Rajesh Exports Owner Rajesh Mehta

राजेश एक्सपोर्ट का पुरा मामला क्या हैं?

४ जून २०२६ को सेबी द्वारा १०९ पन्नों का एक आदेश आता है जिसमें बताया जाता है की राजेश एक्सपोर्ट कंपनी ने अपने विदेशी सहयोगी कंपनीयो की मदत से कंपनी का कामकाज बढ़ा चढाकर दिखाया हैं। पिछले ५ सालों से यानी २०२०-२१ से लेकर २०१४-२५ तक खातों में बड़ी मात्रा में हेराफेरी की गई हैं।

इसमें देखा जाये तो राजस्व मे कथित तौर पर लगभग १५८.३ अरब डॉलर यानी करीब ‘१५ लाख १६ हजार करोड़ रुपये’ की हेराफेरी की गई। यह रकम पिछले ५ फाइनेंशियल ईयर में कंपनी द्वारा दिखाए गए कुल रेवेन्यू का लगभग ९९.८ प्रतिशत है। यह काफी बड़ा नंबर हैं।

क्या काम करती है राजेश एक्सपोर्ट कंपनी?

Rajesh Exports Gold Jwellery बनाने वाली कंपनी हैं। यह गोल्ड रिफायनिंग करके गहने विदेशों में एक्सपोर्ट करती हैं। इस कंपनी के चेयरमैन और एमडी राजेश मेहता हैं। राजेश एक्सपोर्ट दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड रिफायनरी वैलकैम्बी एसए (Valcambi SA) की मालिकाना कंपनी हैं। 

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LIC का लगा है मोटा निवेश

मनीकंट्रोल वेबसाईट के अनुसार राजेश एक्सपोर्ट कंपनी में एलआईसी की बड़ी राशी निवेश हैं। मार्च २०२६ तिमाही तक राजेश एक्सपोर्ट में एलआईसी (LIC) की १०.८ प्रतिशत हिस्सेदारी मौजुद थी यानी LIC के पास कुल ३ करोड़ १८ लाख ७५ हजार शेयर मौजुद थे जिसकी कुल वैल्यू ३३० करोड़ रुपये बनती हैं। आंकड़ों से पता लगता है की LIC ने सितंबर २०२३ से अपने हिस्सेदारी बरक़रार रखी हैं। इस दौरान कंपनी ना शेयर खरिदे ना मौजुदा शेयर बेचे।

शेयर किंमते हुई धडाम

जैसे ही यह खबर सामने आई वैसे ४ जून को ही Rajesh Exports Share Price में धड़ाम से गिरावट आई और Lower Circuit भी देखने को मिला। उस दिन कंपनी का शेयर ५ प्रतिशत गिरावट दर्ज कराके १०४ रुपयो पर कामकाज कर रहा था। 

निवेशकों को भारी नुकसान

पिछले कुछ सालों से कंपनी के शेयर्स ने निवेशकों को भारी चोट दी हैं। मिंट में एक छपी रिपोर्ट ने एनएसई के आंकड़े लेकर बताया हैं की राजेश एक्सपोर्ट की शेयरो की किंमत साल २०२६ के शुरवात से अब तक ४२%, एक साल में ४९%, पिछले ३ सालो में ८२% और पिछले ५ सालों में ८१% गिर चुकी हैं।

जून २०२३ से इस शेयर की किंमत लगातार गिर रही हैं और इसके चलते निवेशकों की संपत्ति १२,७२५ करोड़ रुपये खत्म हो गये हैं।

Disclaimer-  यह आर्टिकल सिर्फ एज्युकेशन एवं जानकारी के लिये लिखा हैं। हम कोई सेबी रजिस्टरी एडवायजरी नहीं हैं। हम कोई भी निवेश करने की सलाह नहीं देते हैं। मार्केट में निवेश जोखिमभरा हो सकता हैं। कृपया कोई भी निवेश करने से पहले आप अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य करें।

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