Unregulated nature of IPO grey market in India: मार्केट में कोई नया आईपीओ आता है तब लोग सबसे पहले फंडामेंटल्स को छोड़कर जीस चीजों को सर्च करने लगते हैं वो हैं जीएमपी (Grey Premium Market)। दरअसल यह एक अनऑफिशियल संकेत होता है जो बताता है की IPOs लिस्टिंग के समय शेयर कितने प्रिमियम पर खुल सकता हैं।
लेकिन सवाल यह हैं — क्या सिर्फ GMP देखकर निवेश करना समझदारी है या ये सीधा जुआ है?

जीएमपी कैसे काम करता हैं?
दरअसल, Grey Market एक अनऑफिशियल मार्केट होता हैं जहां आईपीओ लिस्ट होने से पहले शेयर की खरिद फरोख्त शुरु हो जाती हैं।
उदाहरण के तौर पर माने की एक कंपनी का आईपीओ आया हैं और उसका GMP ₹100 चल रहा है और दुसरी और उसका इश्यू प्राइस ₹300 हैं, तो इसमें अनुमान लगाया जाता है कि लिस्टिंग ₹400 के आसपास हो सकती हैं।
लेकिन यह ध्यान रखें की- यह सिर्फ अनुमान हैं गैरंटी।
जीएमपी पर भरोसा मतलब लंगडे घोड़े पर आंख बंद कर पैसा लगाना
जीएमपी पर भरोसा करने के बहुत बड़े खतरे हैं,
कोई रेगुलेशन नहीं
कोई भी रेगुलेशन नहीं- ग्रे मार्केट पुरी तरह अनऑथोलाईजड की तरह होती हैं। यह कोई रेगुलेटरी बाॅडी नहीं होती।
Manipulation का खतरा- कई बार बड़े खिलाड़ी जानबूझकर हाई या लो दिखाते हैं।
अचानक बडा बदलाव- आईपीओ के आखरी दिन अचानक गिर सकता हैं जिससे आगे की पुरी गणना बदल जाती हैं।
असली घटित उदाहरण से समझें (Grey Market Trap Examples)-
उदाहरण 1- Lenskart IPO (2025)
शुरू में इसका जीएमपी (GMP) काफी अच्छा चल रहा था – ₹68 से ₹120 तक भी पहुँच गया था (इश्यू प्राइस ₹402 पर करीब 17-30% प्रीमियम की उम्मीद)। लोग सोच रहे थे कि लिस्टिंग पर अच्छा गेन मिलेगा।
लेकिन Stock Listing से ठीक पहले GMP 90% तक धड़ाम से गिर गया और सिर्फ ₹10-13 के आसपास रह गया।
नतीजा? स्टॉक ₹395 पर ओपन हुआ, जो इश्यू प्राइस से करीब 1.7% नीचे था (डिस्काउंट पर लिस्टिंग)।
भले ही सब्सक्रिप्शन 28 गुना रहा, लेकिन GMP के भरोसे बैठे छोटे लोग नुकसान में रह गए। ये अचानक गिरावट का क्लासिक केस है।
उदाहरण 2- Tata Capital IPO (2025)
इसमें भी शुरुआत में जीएमपी ₹21-31 तक था (इश्यू प्राइस ₹326 पर 6-10% गेन की उम्मीद)। कुछ जगहो पर तो ₹75-90 तक की बात भी हुई।
लेकिन लिस्टिंग (Listing) से पहले जीएमपी काफी गिर गया।
लिस्टिंग हुई ₹330 पर – सिर्फ 1.2% प्रीमियम पर।
जो लोग हाई जीएमपी देखकर उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें उतना फायदा नहीं मिला। इसी तरह Orkla India और NSDL जैसे कुछ और IPO में भी हेल्दी जीएमपी दिखा, लेकिन लिस्टिंग फ्लैट या थोड़ी कमजोर रही।
उदाहरण 3- Paytm IPO (2021 – पुराना लेकिन बहुत क्लासिक उदाहरण)
जीएमपी काफी स्ट्रॉन्ग था – लिस्टिंग से पहले ₹30-40 तक की बात चल रही थी (इश्यू प्राइस ₹2150 पर थोड़ा प्रीमियम की उम्मीद)।
लेकिन लिस्टिंग के दिन स्टॉक ₹1950 के आसपास खुला – इश्यू प्राइस से काफी डिस्काउंट पर।
फिर स्टॉक और नीचे गिरता गया। जीएमपी का हाइप देखकर जो लोग उत्साहित थे, उन्हें बड़ा झटका लगा क्योंकि असली डिमांड उतनी मजबूत नहीं निकली।
मेरा सुझाव
मुझे लगता हैं जीएमपी के लिये बस एक संकेत की तरह लो, कभी भी गैरंटी मानो। हमेशा कभी भी कंपनी के कंपनी का फंडामेंटल स्टडी, वैल्युएशन, सब्सक्रिप्शन क्वालिटी और मार्केट के हालत देखो। सिर्फ जीएमपी ऊपर चल रहा हैं इतनी सी बात पर IPO Subscription पर टुट मत पढ़ो। लंबे समय के लिये अच्छी कंपनी चुनना ज्यादा मुश्किल होता हैं।
आंख बंद करके किसी लंगडे घोड़े दांव लगाने से अच्छा है आंख खोलकर किसी नाॅर्मल दिखनेवाले घोड़े पर दांव लगाना।
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Disclaimer- यह आर्टिकल सिर्फ एज्युकेशन एवं जानकारी के लिये लिखा हैं। हम कोई सेबी रजिस्टरी एडवायजरी नहीं हैं। हम कोई भी निवेश करने की सलाह नहीं देते हैं। मार्केट में निवेश जोखिमभरा हो सकता हैं। कृपया कोई भी निवेश करने से पहले आप अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य करें।
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अक्सर पुछे जानेवाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: जीएमपी कितना भरोसेमंद है? क्या ये लिस्टिंग प्राइस बता देता है?
उत्तर- नहीं दोस्त, बिल्कुल गारंटी नहीं है। GMP सिर्फ एक अनुमान या सिग्नल है। कई बार हाई जीएमपी दिखता है लेकिन लिस्टिंग फ्लैट, डिस्काउंट या बहुत कम गेन पर हो जाती है। जैसे Lenskart IPO में GMP ₹80-100 तक गया था, लेकिन लिस्टिंग से पहले गिरकर ₹10 रह गया और स्टॉक डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ था।
प्रश्न: क्या ग्रे मार्केट पूरी तरह गैरकानूनी है?
उत्तर- ग्रे मार्केट ट्रेडिंग SEBI द्वारा रेगुलेट नहीं होती। कोई ऑफिशियल प्रोटेक्शन नही है। अगर कोई धोखा हो जाए या डिस्प्यूट हो तो कोई मदद नहीं मिलेगी। इसलिए ये इसे रिस्की कहा जाता हैं।
प्रश्न: जीएमपी अचानक क्यों गिर जाता है या बढ़ जाता है?
उत्तर- क्योंकि ये Unofficial है। बड़े ऑपरेटर्स छोटे वॉल्यूम पर ट्रेड करके भाव Up-Down कर देते हैं। मार्केट सेंटिमेंट बदलने, सब्सक्रिप्शन डेटा आने या ऑपरेटर्स के एग्जिट से Grey Market Price रातोंरात क्रैश कर सकता है। Lenskart में भी ऐसा ही हुआ – हाई GMP से इसमें लगभग 90% की गिरावट देखने को मिली थी।
प्रश्न: जीएमपी चेक करने के लिए सबसे अच्छी जगह कौन सी है?
उत्तर- लोग आमतौर पर Chittorgarh, Investorgain, मनीकंट्रोल अथवा टेलिग्राम चैनल्स पर चेक करते हैं। लेकिन याद रखो ये सब अनऑफिशियल हैं। कई जगहो पर अलग-अलग GMP दिखाया जाता है। हमेशा कम से कम 2-3 अलग अलग सोर्स से क्रॉस चेक करो।
प्रश्न: जीएमपी के अलावा IPO में हमें क्या-क्या चेक करना चाहिए?
उत्तर- कंपनी का बिजनेस और फंडामेंटल्स, वैल्यूएशन (कितना महंगा है), QIB और HNI सब्सक्रिप्शन कितना मजबूत है, मार्केट की पूरी स्थिति
प्रमोटर्स और फाइनेंशियल्स जैसे महत्त्वपूर्ण बातें हमें पहले देखनी चाहिये।
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