FD vs ETF: बैंक एफडी अब पुरानी बात! यह सुपर-सुरक्षित ऑप्शन दे रहा है मोटा मुनाफा!

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Bank FD vs ETF: अक्सर हम देखते हैं की आज के समय मतलब साल 2025 में भी पुराने खयालात के लोग Bank FD पर ही जादा भरोसा परता है लेकिन बढ़ती महंगाई दर से देखें तो यह कोई अच्छा तरिका आजके समय में नहीं माना जाता क्योंकी अब आप स्टाॅक मार्केट, म्युचुअल फंड, क्रिप्टोकरेंसी जैसे अनेक अलग अलग माध्यम है जहां पर आपको जादा रिटर्न मिल जाता हैं हालाकी कोई भी विकल्प हो उसमें कम जादा रिस्क तो रहता ही हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही तरिके के बारे में इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं जो की ईटिएफ (Exchange Traded Fund) के नाम से जाना जाता हैं। 

अगर आपको ईटिएफ के बारे में कुछ भी नहीं पता तो आप हमारे ETF Investment रिलेटेड आर्टिकल्स पढ़कर इसकी पुरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। चलिये इस आर्टिकल में जानते हैं Bank FD vs ETF के बारे में, इसमें कौन है बेहतर और क्युं? चलिये जानते हैं।

Bank Fixed Deposit क्या होता है?

यह एक निवेश का प्रकार है जिसमें आप बैंक अथवा NBFC में एक निश्चित राशी का निवेश करते हो। इसमें आपको 5-8% का रिटर्न मिलता है। इसमें बहुत कम जोखिम होता है लेकिन रिटर्न भी सीमित ही होता है। 

ETF क्या होता है?

ETF यानी Exchange Traded Fund यह भी एक निवेश का प्रकार है जिसमें आपका पैसा स्टाॅक, बाॅन्ड या कमोडिटी जैसे परिसंपत्तिओ के समुह को ट्रैक करता हैं। जैसे शेयर मार्केट में बाकी शेयर ट्रैड होते हैं उसी तरह यह भी ट्रेड होता हैं। यह परिसंपत्तिओ का समुह होने के कारण इसमें भी रिस्क बहुत ही कम रहता हैं।

ETF के Bank FD से बेहतर होने के कारण

उच्च रिटर्न की संभावना- अगर आप बैंक एफडी में निवेश करते हैं तो आपको 5-8% के बीच ही ब्याज दर देखने को मिलता हैं। लेकिन अगर आप ईटिएफ में देखेंगे तो लंबे अवधी के लिये 10-15% के बीच भी रिटर्न देते हैं। इसको समझना हो तो आप Nifty 50 ETF या इंडेक्स के रिटर्न देख सकते हो जो बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट से कई ज्यादा गुना रिटर्न दे चुके हैं। बाजार में उतार चढ़ाव के होने के बावजूद इसने FD Return को बहुत पिछे छोड़ दिया हैं।

मुद्रास्फीति को मात- जैसे महंगाई बढ़ती है वैसे वो एफडी रिटर्न को कम कर देती हैं। अगर एफडी में आपको 6% का रिटर्न मिल रहा है और वही Inflation 5% हैं तो आपको मात्र 1% का रिटर्न ही मिल रहा है ऐसा माना जाता हैं। लेकिन दुसरी और आप Equity / Gold ETF (GoldBees) जैसे अन्य विशेष प्रकार के ईटिएफ को देखें तो यह मुद्रास्फीति को मात दे सकते हैं।

उच्च लिक्विडिटी- FD में पैसा एक निश्चित अवधी के लिये लाॅक हो जाता हैं अगर आप समय से पहले उसे निकाल देते हैं तो आपको ब्याज का फायदा नहीं मिलता उपर से जुर्माना भी अलग से लगता हैं। लेकिन दुसरी तरफ ईटिएफ को आप स्टाॅक मार्केट में अभी भी बेच सकते हो आपको जितना उसका बेचते वक्त मुल्य होगा उतनी ही आपको राशी मिलेगी। जिन निवेशकों को लाॅक पिरियड नहीं चाहिये उनके लिये ईटिएफ ही की मायनों में सही साबित होता हैं।

विविधीकरण से लाभ- ईटिएफ के जरिये आप कई परिसंपत्तिओ(स्टाॅक, बांन्ड और गोल्ड) में निवेश कर सकते हैं। अगर आप Nifty 50 में निवेश करते है तो भारत में मौजुद टाॅप 50 कंपनीयो में आप निवेश करते हैं। वहीं दुसरी और आपको FD में ऐसा विविधीकरण नहीं देखने को मिलता। ETF जोखिम को बांटता है और रिटर्न की संभालना को बढ़ाता हैं। 

कम लागत- ETF का प्रबंधन शुल्क (Expense Ratio) बहुत कम होता हैं‌ आमतौर पर यह 0.1-1% होता हैं। यह म्युचुअल फंड की तुलना में काफी कम होता हैं। वैसे FD में भी कोई प्रबंधन शुल्क नहीं लिया जाता। ETF कम लागत में ज्यादा रिटर्न देता हैं।

निवेश की विविधता- ETF में कई प्रकार होते हैं जैसे इक्विटी, डेट, गोल्ड और सेक्टर विशेष ईटिएफ। इससे निवेशक अपने जोखिम और वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर निवेश चुन सकता हैं। FD में ऐसी कोई भी विविधता नहीं होती जो इसे सिमीत बनाती हैं।

एसआईपी के जरिये निवेश- अब कुछ ब्रोकर ETF में SIP करने की सुविधा देते हैं जिसमें आप छोटी छोटी राशी से निवेश कर सकते हो। लेकिन यह आप Bank FD में नहीं कर सकते। उसमें आपको लंपसम अमाउंट एकबार में ही निवेश करना पड़ता हैं।‌

निष्कर्ष

ETF में निवेश उन लोगों के लिये सही है जो लोग लंबे अवधी के लिये, थोड़ा रिस्क और मुद्रास्फीति को मात दे सके उस तरह का निवेश करना चाहते हैं तो उनके लिये यह बेहतर विकल्प हैं।  लेकिन जिनको पुरी तरिके से जोखिम ना के बराबर चाहिये, कम रिटर्न चलेगा और जिनको आधुनिक निवेशक तकनीकी की कुछ भी जानकारी नहीं है या जिनको डायवर्सिफाइड निवेश के लिये कुछ प्रतिशत निवेश बैंक में करना है तो उनके लिये एफडी एक बेहतर विकल्प हो सकता हैं।

लेकिन सारी चींजों को ध्यान में रखो तो ETF बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट से कई गुना बेहतर विकल्प माना जाता हैं।

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FAQ

प्रश्न: ETF vs Bank FD Intrest में क्या अंतर होता हैं?

उत्तर- बैंक एफडी में आपको 5-8% तक ही रिटर्न मिलता हैं लेकिन ETF में लंबे अवधी में आपको 10-15% तक के भी रिटर्न देखने को मिल जाते हैं हालांकि यह मार्केट के उतार चढ़ाव पर निर्भर होते हैं तो इससे कम अथवा ज्यादा भी रिटर्न आपको मिल सकता हैं।

प्रश्न: क्या Bank ETF भी होते हैं?

उत्तर- हां, बहुत सारे ईटिएफ है जो बैंक सेक्टर को ट्रैक करते हैं जैसे की BankBees

प्रश्न: बैंक एफडी या ईटिएफ? कौनसा बेहतर?

उत्तर- ईटिएफ कई मायनो में बैंक ईटिएफ से बहुत अच्छा माना जाता हैं। 

प्रश्न: ETF का मतलब क्या होता हैं?

उत्तर- ETF मतलब Exchange Traded Fund होता हैं।

प्रश्न: ETF और Mutual Fund में क्या अंतर होता हैं?

उत्तर- ETF एक इंडेक्स को ट्रैक करता है और स्टाॅक एक्सचेंज पर ट्रैड रहता हैं। वहीं Mutual Fund फंड मैनेजर के द्वारा प्रबंधित किया जाता हैं। यह आप तौर पर NAV (Net Asset Value) पर ट्रेड होता हैं।

अगर ज्यादा जानकारी चाहिये तो आप हमारा ETF vs Mutual Fund वाला विस्तृत आर्टिकल पढ़ सकते हैं।

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