Airtel vs VI Share: किसके शेयर में लगाएं पैसा? किसे खरीदें, किसे बेचें?

By Nishant Patil

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Airtel vs VI Stock: टेलिकॉम सेक्टर शेयर्स जैसे एयरटेल, वोडाफोन आयडिया शेयर में निवेश करनेवालों के लिये अच्छी खबर निकलकर आई हैं। दरअसल, बाॅम्बे हाईकोर्ट टेलिकॉम विभाग (Dot) की वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्जेस (OTSC) से मांगो को रद्द कर दिया हैं। इससे टेलिकॉम कंपनी एयरटेल और आयडिया वोडाफोन जैसी दिग्गज कंपनीयों को बड़ी राहत मिली हैं। 

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का मानना है की फैसला दोनों कंपनीयों के लिये सकारात्मक हैं और आनेवाले दिनो में दोनों कंपनीयों में तेजी देखने को मिल सकती हैं। वहीं ‘Nomura’ ने ‘VI’ पर न्यूट्रल और ‘Airtel’ पर बाय रेटिंग बरकरार रखी हैं।

Airtel vs Vodafone Idea Telecom Sector Stocks

एयरटेल पर Buy Rating क्यों?

दरअसल नोमुरा ने एयरटेल पर ‘Buy Rating’ दी हैं और ₹२,२२० का शेयर प्राइस टारगेट दिया हैं। मौजुदा स्तरों से लगभग २५% बढ़त दिखा सकता हैं। अगर FY25 के वार्षिक रिपोर्ट की बात करें तो एयरटेल ने पहले ही ८,४१० करोड़ रुपये की मूल मांग में से १,८१० करोड़ रूपये मुल राशी और उसपर ९,९५० करोड़ रुपये व्याज के लिये प्रावधान किया गया हैं। यानी ११,७६० करोड़ रुपयों का प्रावधान पहले से ही किया जा चुका हैं। 

Nomura का कहना है की अगर आखरी फैसला कंपनी के पक्ष में आता है तो एयरटेल को संभावित राइट बैंक ११,७६० करोड़ रुपये मिल सकता हैं। हालाकी यह सिर्फ अकाउंटिंग एडजेस्टमेंट होगा कंपनी के नगद प्रवाह और वित्तीय स्थिती पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ब्रोकरेज का मानना है की Airtel Company का बिजनेस काफी मजबूत है और कैश फ्लो के साथ साथ कंपनी का मूल्यांकन भी आकर्षित नजर आता हैं।

वोडाफोन आयडिया को राहत मिली पर चुनौतियां अभी भी बरकरार

Vodafone Idea Stock के लिये Nomura ने ₹12.60 टारगेट प्राइस रखा है लेकिन रेटिंग को Neutral रखा हैं यानी भविष्य में ज्यादा उम्मीद नहीं दिखाई गई हैं। कंपनी ने इस मामले में ७,५८० करोड़ का प्रावधान किया हुआ हैं और ३,३५० करोड़ रुपयो का कांटिंजेंट लाइबिलिटी भी दर्ज की गई हैं।

हालाकी यह बड़ी जटिलता हैं। यह फैसला Idea से जुड़े एक पुराने बिजनेस से जुड़े वन टाइम स्पेकट्रम पर लागु होता हैं। पुराने वोडाफोन से जुड़ा मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में प्रलंबित हैं क्योंकी कंपनी ने पहले से ही भारी कर्ज, नकारात्मक नेटवर्क और कमजोर कैश फ्लो जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं।

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आगे क्या होगा? किसपर रहेगी नजर?

एक्सपर्ट का कहना है की वोडाफोन के लिये कर्ज जुटाना, टैरिफ बढ़ोतरी और ग्राहकों की संख्या में सुधार यह सबसे बड़े ट्रिगर होंगे। वहीं एयरटेल के लिये सबसे बड़ा जोखिम यदी टेलिकॉम सेक्टर में आने वाले दिनों में और प्रतिस्पर्धी बढ़ना, टैरिफ बढ़ोतरी में देरी होना यह सब कंपनी के कमाई पर असर कर सकता हैं।

आप अगर निवेशक हैं तो क्या करना सही रहेगा?

नोमुरा ने यह स्पष्ट बताया हैं की बाॅम्बे हाईकोर्ट का फैसला दोनों कंपनीयों के लिये अच्छा है लेकिन इस फैसले पर सुप्रिम कोर्ट में इसे चैलेंज भी किया जा सकता है तो निवेशकों को आगे आनेवाले गतिविधियों पर भी ध्यान रखना काफी महत्वपूर्ण हैं।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। नोटों से जुड़ी किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले RBI और सरकार की आधिकारिक घोषणा अवश्य जांच लें। किसी भी वित्तीय निर्णय के लिए आधिकारिक स्रोतों को ही आधार बनाएं।

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