वाट्सएप ग्रुप में दोस्ती हुई, 67 साल की बुजुर्ग महिला के ₹42 लाख गायब हो गए, ठगों का यह तरीका जानकर रोंगटे खड़े होंगे | Share Market Scam Noida 2026

By Nishant Patil

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नोएडा साइबर ठगी 2026: नोएडा के सेक्टर-92 में रहने वाली 67 वर्षीय बिंदू शर्मा के साथ साइबर ठगों ने वो कर दिखाया जो आजकल देशभर में एक बड़ी समस्या बन चुका है। ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर इन अपराधियों ने बुजुर्ग महिला के बैंक खाते से 42 लाख 13 हजार रुपये साफ कर दिए। जब तक ठगी का एहसास हुआ, तब तक पानी सिर से ऊपर जा चुका था।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

बात इसी साल की है। बिंदू शर्मा के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप मैसेज आया। शुरुआत बिल्कुल सामान्य थी, जैसे कोई पुराना परिचित हो। धीरे-धीरे बातचीत शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग की तरफ मुड़ने लगी। ठग ने बताया कि कम समय में कैसे कई गुना पैसा कमाया जा सकता है।

करीब दो दिन तक यही सिलसिला चला। भरोसा जमाने के बाद महिला को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। उस ग्रुप में पहले से कई लोग मौजूद थे, जो खुद को अनुभवी और सफल निवेशक बता रहे थे। हर रोज़ बड़े-बड़े मुनाफे की स्क्रीनशॉट शेयर होती थीं। देखकर कोई भी प्रभावित हो जाए।

फर्जी ऐप, नकली मुनाफा

ठगों ने बिंदू शर्मा को एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाया और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने को कहा। शुरुआत में ऐप पर अच्छा-खासा मुनाफा दिखने लगा। स्क्रीन पर बढ़ते हुए नंबर देखकर महिला का भरोसा और पक्का हो गया।

धीरे-धीरे ज़्यादा निवेश के लिए प्रेरित किया जाने लगा और महिला ने कई किश्तों में अपने बैंक खाते से कुल 42.13 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

पैसा निकालने की कोशिश की, तो असली चेहरा सामने आया

जब महिला ने अपनी जमा रकम और मुनाफा निकालना चाहा, तब खेल खुला। ठगों ने एक के बाद एक बहाने बनाने शुरू कर दिए। कभी टैक्स, कभी प्रोसेसिंग फीस, कभी सिक्योरिटी डिपॉजिट। यानी पैसा निकालने के लिए पहले और पैसा डालो।

अब महिला को शक हुआ। उन्होंने और पैसे देने से मना कर दिया और अपनी रकम वापस माँगी। लेकिन न कोई जवाब मिला, न पैसा लौटा। फिर समझ आया कि वे ठगी का शिकार हो चुकी हैं।

पुलिस में शिकायत और जाँच

बिंदू शर्मा ने 26 फरवरी और 6 मार्च 2026 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल यानी एनसीआरपी पर दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं। जाँच के दौरान बैंक खातों में हुए लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की गई, जिससे पुष्टि हुई कि महिला ने ठगों के बताए खातों में 42.13 लाख रुपये भेजे थे।

इसके आधार पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अब जाँच अधिकारी संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस और व्हाट्सऐप चैट की बारीकी से जाँच कर रहे हैं। यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इस गिरोह में कितने लोग हैं और इनके तार देश के किस हिस्से या विदेश से जुड़े हैं।

इस तरह होती है ट्रेडिंग के नाम पर ठगी

यह कोई नया तरीका नहीं है। साइबर अपराधी पहले सोशल मीडिया, टेलीग्राम या व्हाट्सऐप के ज़रिए संपर्क करते हैं। फिर मुफ्त निवेश सलाह और कम वक्त में कई गुना मुनाफे का वादा किया जाता है। फर्जी ट्रेडिंग ऐप या वेबसाइट पर खाता खुलवाकर पैसे जमा कराए जाते हैं। जब व्यक्ति पैसा निकालने की कोशिश करता है तो टैक्स, कमीशन या वेरिफिकेशन के नाम पर और रकम माँगी जाती है। और अंत में ठग मोबाइल बंद कर लेते हैं, वेबसाइट गायब हो जाती है।

पुलिस की अपील, इन बातों का ध्यान रखें

साइबर पुलिस ने लोगों से साफ कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर शेयर बाजार या ऑनलाइन ट्रेडिंग में पैसा न लगाएं। निवेश करना हो तो केवल सेबी से पंजीकृत संस्थानों और अधिकृत प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें। व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में दिखाई गई मुनाफे की स्क्रीनशॉट पर आँख मूँदकर भरोसा न करें।

अगर कहीं ऑनलाइन ठगी का ज़रा भी संदेह हो, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर फोन करें या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी सूचना मिले, रकम फ्रीज कराने और वापस मिलने की संभावना उतनी ज़्यादा होती है।

अगर आपको इस आर्टिकल से जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो ‘[email protected]’ पर हमें मेल कर सकते हैं।

Disclaimer-  यह आर्टिकल सिर्फ एज्युकेशन एवं जानकारी के लिये लिखा हैं। हम कोई सेबी रजिस्टरी एडवायजरी नहीं हैं। हम कोई भी निवेश करने की सलाह नहीं देते हैं। मार्केट में निवेश जोखिमभरा हो सकता हैं। कृपया कोई भी निवेश करने से पहले आप अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य करें।

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