ओडिशा में गौतम अदाणी का बड़ा दांव, 1 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट, वेदांता और हिंडाल्को को सीधी टक्कर, जाने कौनसा सेक्टर? | Adani-IHC Odisha Aluminum Investment News in Hindi

By Nishant Patil

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Adani-IHC Odisha Aluminum Investment: हमारे देश और एशिया के सबसे अमीर शख्स ‘गौतम अदाणी’ अब एल्युमिनियम सेक्टर में बड़ा कदम रखने जा रहे हैं। दरअसल अदाणी और अबुधाबी की इंटरनैशनल होल्डिंग कंपनी मिलकर 11.5 अरब डॉलर का निवेश ओडिसा स्टेट में करने जा रही हैं। अगर यह परियोजना शुरु होती है तो इसका सीधा मुकाबला वेदांता और हिंल्डाल्को जैसी बड़ी कंपनीयों से होगा।

Economic Times की खबर अनुसार इस नये प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 20 लाख टन (2 मिलियन टन) से अधिक होगी। यह एक इंटिग्रेटेड यूनिट होगी, जिसमें एल्युमीनियम रिफाइनिंग और स्मेल्टिंग दोनों की सुविधा मौजूद रहेगी। इसके अलावा भी प्रोजेक्ट में कैप्टिव पावर प्लांट बनाया जायेगा ताकी बिजली उत्पादन जरुरत आसानी से पुरी की जा सके।

वेदांता और हिंल्डाल्को को सीधी टक्कर

अगर अभी के वक्त देखें तो हिंल्डाको इंडस्ट्रीज और वेदांता एल्युमिनियम का इस सेक्टर में अच्छा दबदबा हैं। अदाणी ग्रुप की एंट्री से इस सेक्टर में इन कंपनीयों में काॅपिटेशन तेज हो सकता हैं। ऐसा माना जा रहा है की इस प्लांट के शुरु होने के बाद भारत की कुल अल्युमीनियम उत्पादन में 50% तक की बढ़ोतरी हो सकती हैं।

ओडिशा में ही क्यों बनाया जा रहा है प्लांट?

दरअसल ओडिसा राज्य को ही चुनने के पिछे बड़ा कारण है, इस राज्य में 60% से अधिक बाॅक्साईड पाया जाता हैं। इसके अलावा अदानी ग्रुप स्वामित्व वाला धामरा पोर्ट भी यही मौजुद हैं। इसलिये कच्चा मार और एक्सपोर्ट में आसानी की बजह से यह राज्य चुना गया हैं। इससे परियोजना की लागत की भी बचत होगी।

एल्युमिनियम की मांग में तेजी

अभी के वक्त चीन के बाद दुसरा सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादन करनेवाला देश भारत हैं। पिछले साल में इसका उत्पादन 4.2 मिलियन टन एल्युमीनियम का उत्पादन हुआ, जबकि घरेलू खपत 5.5 मिलियन टन रही। आपको बता दें की रेल्वे, इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक बेसिकल्स और निर्माण क्षेत्र के कारण वर्ष 2030 तक मांग 8.5 मिलियन टन, 2040 तक 18 मिलियन टन और 2047 तक 28 मिलियन टन तक पहुंची सकती हैं।

मेटल सेक्टर में गौतम अदानी का सिक्का

यह प्रोजेक्ट अदाणी का दुसरा बड़ा मेंटल सेक्टर का दुसरा बड़ा कदम होगा। इससे पहले ही कंपनी गुजरात में काॅपर स्मेल्टर शुरू कर चुकी हैं। ऐसा कहा जा रहा है की Adani Group अपने ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार के लिए कच्चे माल की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रहा हैं। अगर इस प्रोजेक्ट पर मंजुरी मिलती है मैं भारत के अल्युमीनियम सेक्टर में अच्छा काॅम्पिटेशन देखने को मिल सकता हैं।

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