पेट्रोडॉलर क्या है: परिभाषा, इतिहास और वैश्विक प्रभाव | PetroDollar System in Hindi

PetroDollar System in Hindi: यह वह अमेरिकन डॉलर है जो निर्याती देश कच्चे तेल की बिक्री से कमाते हैं। यह एक प्रणाली है जिसमे तेल का व्यापार केवल डाॅलर में होता हैं। यह प्रणाली साल 1974 से अमेरिका और सौदी अरेबिया के बीच हुयें समझोते से शुरु हुआ था। यह अमेरिका मुद्रा की वैश्विक मांग और वर्चस्व को बनाये रखता हैं।

पेट्रोडाॅलर मतलब (PetroDollars Meaning in Hindi)

जब सऊदी अरब या कोई अन्य देश अमेरिका या किसी अन्य देश को तेल बेचते हैं और अगर भुगतान डाॅलर में किया जाता हैं। उस डाॅलर की कमाई को ‘पेट्रोडाॅलर’ कहा जाता हैं। यह कोई अलग मुद्रा नहीं है। Petrodollar की शुरवात साल 1970 के दशक में हुई थी।

Petrodollar System in Hindi

अमेरिका-सऊदी अरबिया पेट्रो डॉलर डील क्या थी? (US Saudi PetroDollar Deal)

यह 1970 के दशक में अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हुआ एक ऐतिहासिक समझौता (Petrodollar Deal 1974) था। इसके तहत सऊदी अरब ने अपने तेल को केवल अमेरिकी डॉलर में बेचने की अनुमति दी थी और उसके बदले में अमेरिका सऊदी को सैन्य सुरक्षा और हथियार देने का वादा किया था।

पेट्रो डॉलर कैसे काम करता है? (How does the PetroDollar Work)

PetroDollar एक वैश्विक और राजनीतिक प्रणाली है जिसकी तहत दुनियाभर में कच्चे तेल (Crude Oil) का व्यापार अमेरिकी डॉलर (USD) में किया जाता हैं।

Petrodollar Agreement 1973 के तहत जो भी तेल उत्पादक देश अपने तेल को बेचते हैं तो वे भुगतान के रुप में अमेरिकी डॉलर स्वीकार करते हैं। इसे लोग PetroDollar Economy के तौर पर भी जानते हैं।

Petroyuan vs Petrodollar

विशेषतापेट्रोडॉलर (Petrodollar)पेट्रोयुआन (Petroyuan)
मुद्राअमेरिकी डॉलर ($)चीनी युआन (¥ – CNY)
प्रभुत्वउच्च (अभी भी अधिकांश व्यापार)मध्यम (बढ़ रहा है)
मुख्य समर्थकअमेरिका, पश्चिमी देश, सऊदी अरब (ऐतिहासिक)चीन, रूस, ईरान
मुख्य उद्देश्यवैश्विक वित्तीय स्थिरता और अमेरिकी शक्तिडॉलर पर निर्भरता कम करना, चीनी शक्ति
जोखिमभू-राजनीतिक अस्थिरतावित्तीय बाजारों में अस्थिरता

पेट्रो डॉलर एग्रीमेंट कब खत्म होगा?

ऐसा नहीं है की Petrodollar Deal End नहीं होगा बल्की सौदी-अमेरिका के बीच का यह एग्रीमेंट ‘9 जुन 2024’ को समाप्त हो गया हैं। सउदी अरब ने इसे नवीनीकृत न करने का फैसला लिया हैं। अब सउदी अरब डाॅलर को छोड़कर अन्य मुद्रा जैसे चीनी युआन, यूरो, येंन) भी स्वीकार कर सकता हैं। अब इसका नवीनीकृत ना होना अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व के लिये एक महत्त्वपूर्ण घटना है लेकिन आज भी दुनियाभर के ज्यादातर डिल में पेट्रोडाॅलर का ही बोलबाला हैं।

Brics vs Petrodollar

petrodollar Brics के बीच की जंग वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत हैं‌। यह डाॅलर की बादशाहत को चुनौती देने और एक बहुध्रुवीय (Multipolar) वित्तीय दुनिया बनाने की कोशिश हैं। अब तक जादातर तेल के बदले डाॅलर लेनेवाले देश उसी को अमेरिकन बाॅन्ड को खरिदते थे इसिलिये दुनियाभर में US Dollar को एक आरक्षित मुद्रा (Reserve Currency) बनाये रखता था। 

लेकिन अब ब्रिक्स में शामिल देश (ब्राजील, रुस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका और अन्य नये सदस्य देश) डाॅलर पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। इसमें सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन ‘पेट्रोयुआन’ को ज्यादा बढ़ावा दे रही है। मतलब डाॅलर की जगह ज्यादा से ज्यादा देश युआन का इस्तेमाल करना चालु करें। दुसरी तरफ चीन, रुस यहां तक भारत भी अपनी खुदकी करेंसी को बढ़ावा दे कर Petro Dollar पर से निर्भरता कम कर रहे हैं। 

एक्सपर्ट का मानना है की इससे अमेरिकन डाॅलर का दबदबा आनेवाले समय मे कम हो सकता है लेकिन सबकुछ यह रातों-रात नहीं होगा। चीन और रुस जैसे देश इस बदलाव को ओर भी तेज कर रहे हैं।

Disclaimer- यह आर्टिकल सिर्फ एज्युकेशन एवं जानकारी के लिये लिखा हैं। हम कोई सेबी रजिस्टरी एडवायजरी नहीं हैं। हम कोई भी निवेश करने की सलाह नहीं देते हैं। मार्केट में निवेश जोखिमभरा हो सकता हैं। कृपया कोई भी निवेश करने से पहले आप अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य करें।

अक्सर पुछे जानेवाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: Petrodollar Agreement Countries कौन शामिल था?

उत्तर- इस डिल में अमेरिका और सौदी अरब यह दो देश अनौपचारिक तरह से शामिल थे।

प्रश्न: Petrodollar Agreement किस साल में हुआ था?

उत्तर- पेट्रोडाॅलर सिस्टम एग्रीमेंट 1970 के दशक में साल 1974 में हुआ था।

प्रश्न: Alternative to Petrodollar क्या हैं?

उत्तर- Petroyuan, Local Currency, Bricks, Gold जैसे अन्य कई Alternative अब इस्तमाल हो रहे हैं।

प्रश्न: 1947 में 1 डॉलर कितने रुपये के बराबर था?

उत्तर- 1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ, तब 1 अमेरिकी डॉलर (USD) की विनिमय दर लगभग ₹3.30 (3 रुपये 30 पैसे) था।

प्रश्न: Before Petrodollar सब कैसे चलता था?

उत्तर- यह वक्त ब्रेटन वुड्स प्रणाली (Bretton Woods System) नाम से जाना जाता है तब साल 1944 में स्थापित समझौते के अनुसार अमेरिकी डॉलर को सोने से जोड़ा (35 डाॅलर = 1 औंस सोना) गया था। 

प्रश्न: किस बजह से Petrodollar Crisis चल रहा हैं?

उत्तर- वैश्विक तेल बाजार में अमेरिका को चीन-रुस जैसे देशों की वजह से अनेक चुनौतियां मिल रही हैं। युएस-सऊदी 1974 का एग्रीमेंट खत्म होने के बाद स्थानीय मुद्रा और व्यापार में PetroDollar Crisis यानी अमेरिकी डॉलर को चुनौतीया मिल रही हैं ऐसा आप कह सकते हैं।

प्रश्न: क्या PetroDollar ETF मौजुद होते हैं?

उत्तर- हां, पेट्रोडॉलर से संबंधित ETF (Exchange Traded Funds) होते हैं, लेकिन वे सीधे “पेट्रोडॉलर” नाम से नहीं होते, बल्कि तेल उत्पादक देशो के शेयरों, ऊर्जा कंपनियों अथवा OPEC देशों के बाजारो पर केंद्रित होते हैं।

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